गाय पर निबंध

गाय पर निबंध! निबंध लेखन एक अद्भुत कला है। निबंध लिखने का निरंतर अभ्यास करना चाहिए। विद्यालय में छात्रों को निरंतर अभ्यास कराया जाता है। इस अभ्यास से छात्रों को बहुत लाभ होता है। छात्रों में किसी भी विषय पर लिखने की क्षमता बढ़ती है। यहाँ अलग-अलग प्रकार से गाय पर निबंध दिया गया है। जिस से छात्रों को अभ्यास में बहुत सहायता मिलेगी।

१. गाय पर निबंध (150 शब्दों में)

गाय एक पालतू चौपाया जानवर है। यह पालतू होने के साथ-साथ जंगलों में भी पाई जाती है। इसके पास एक मुंह, एक नाक, दो आँखें,दो सिंघ, चार पैर,चार थन, और एक लम्बी पूँछ होती हैं। यह कई रंगों की होती है। जैसे उजली, लाल, काली, भूरी, चितकबरी आदि।
यह अनाज, भूसा, घास, बाँस की हरी पत्तियाँ  आदि खाती है। हरी घास और बाँस की हरी पत्तियाँ इसका मनपसंद भोजन है। गाय हमारे लिए बहुत ही लाभदायक पशु है।
यह हमें दूध देती है। जो की एक सम्पूर्ण आहार है। इसके दूध में कई प्रकार के विटामिन्स पाए जाते हैं। जो हमारे शरीर के लिए बहुत ही लाभदायक होते हैं।
इसके दूध से दही, घी, मक्खन और कई प्रकार की मिठाईयाँ बनाई जाती हैं। बहुत से लोग गऊशाला में बहुत सी गायों को पालते हैं। और इसका दूध बेच कर अपनी जीविका चलते हैं।
इस प्रकार हम कह सकते हैं। गाय हमारे लिए एक लाभदायक पशु है।
गाय पर निबंध

२. गाय पर निबंध (२०० शब्दों में)

गाय एक बहुत लाभदायक पशु है।भारत के अतिरिक्त संसार के कई देशों में इसे पाला जाता है। गाय पालतू होने के साथ-साथ जंगलों में भी पाई जाती है। गाय पालन कर दुनिया में बहुत से लोग अपना परिवार चलाते हैं। गाय का दूध और घी बेच कर अपनी जीविका अर्जित करते हैं। गाय हमें बहुत कुछ देती है बदले में कुछ नहीं लेती।
गाय हमें दूध तो देती ही है। इसका दूध बच्चों और रोगियों को बहुत लाभ पहुंचाता है। इसका दूध हमारे लिए लाभदायक तो होता ही है, अपितु इसका गोबर भी हमारे लिए लाभदायक होता है।
गाय का गोबर खेतों में डाला जाता है। जिस से खेतों की उर्वरक शक्ति बढ़ती है। यह प्राकृतिक खाद का काम करता है। गांवों में इसके गोबर से गोरहा एवं उपला बना कर जलावन के रूप में उपयोग किया जाता है।
गाय हमें बछड़ा भी देती है। जो बड़ा होकर बैल कहलाता है। बैल हमारे खेतों में हल जोतता है। यह खेती में सहायता करने के अलावा हमारी गाड़ी भी खींचता है। जिसे बैल गाड़ी कहते हैं।
गाय एक धार्मिक पशु भी है। हमारे देश भारत में इसे बहुत पवित्र माना जाता है। हिन्दू धर्म के लोग गाय की पूजा बड़ी श्रधा से करते हैं। गाय को गौमाता भी कहते हैं।

गाय पर निबंध

३. गाय पर निबंध (१५० शब्दों में)

गाय एक पूजनीय पशु है। हिन्दू धर्म में लोग इसे माता के रूप में मानते तथा पूजते हैं। गाय एक चौपाया जानवर है। यह जंगली तथा पालतू होते हैं। इसे दुसरे जानवरों की तरह ही दो कान, दो आंख, एक नाक, एक मुंह तथा दो सिंघ होते हैं। साथ ही एक लम्बी पूँछ होती है।
यह कई रंगों की होती है। अधिकांश सफ़ेद होती है। कुछ काले तथा कुछ भूरे रंगों की होती हैं। यह देखने में बिलकुल शांत और प्यारी होती है।
गाय हमारे लिए बहुत ही लाभदायक पशु है। इसके दूध से नाना प्रकार की वस्तुएं बनाई जाती हैं। जैसे दही, घी, पनीर, मिठाई आदि। इसके दूध से कुछ मीठे पकवान भी बनाये जाते हैं। जैसे खीर, फिरनी, सेवईयां आदि।
इसका दूध पीने से बच्चों का शरीर पूर्ण रूप से वृद्धि करता है। इसका दूध बच्चों के साथ-साथ बड़ों के लिए भी लाभदायक होता है। इसका दूध एक पूर्ण आहार है।
हमें इसकी सुरक्षा का पूरा ध्यान रखना चाहिए। क्यों कि गाय हमारे लिए पूजनीय तथा बहुत ही लाभदायक पशु है।

गाय पर निबंध
जर्सी गाय

४. गाय पर निबंध (२०० शब्दों में)

गाय एक चौपाया पशु है। इसे चार पैर, दो कान, दो आँखें, और एक लम्बी पूँछ होती है। गाय संभवतः सभी देशों में पाई जाती है। गाय की मुख्यतः दो प्रजातियां होती हैं जिसे लोग पालते हैं, साधारण गाय और जर्सी गाय।
हमारे देश भारत में मुख्य रूप से साधारण गाय पाई जाती है। भारत में जर्सी गाय कम पाई जाती है। जर्सी गाय डेनमार्क में अधिक पाई जाती है। यह गाय एक दिन में 25 से 30 लीटर दूध देती है।
गाय अनेक रंगों की होती है। यह भूसा, घास, पोवाल आदि खाती है। गाय को हिन्दू लोग गाय माता कहते हैं।कृष्ण भगवन इसे बहुत मानते थे। वे हमेशा गाय के दूध से बना मक्खन खाते थे।
एक विशेष प्रकार की गाय भी होती है। जिसे हम कामधेनू कहते हैं। यह गाय आम जनता के लिए उपलब्ध नहीं। यह केवल देवताओं या ऋषि मुनियों के पास होती थी। इस गाय की एक विशेषता यह है की जब चाहें दूध निकाल सकते हैं। कामधेनू गाय वसिष्ठ के पास थी। जिसे विश्वामित्र हरण कर के ले गया था।
गाय का दूध बहुत लाभकारी होता है। गाय के दूध से पनीर, मिठाई आदि बनाये जाते हैं। गाय बछड़ा भी देती है जो बड़ा होकर हल खींचता है। यह किसान के लिए बहुत उपयोगी पशु है।
गाय का गोबर भी शुद्ध माना जाता है। यज्ञ पूजा होने से पहले औरतें गाय के गोबर से घर आँगन लिपटी हैं। गाय मरने के बाद भी हमारे लिए उपयोगी होती है।इसके चमड़े से जूते, चप्पल, बैग आदि बनाये जाते हैं।

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